पसंन्द आया तो दिल में , नही तो दिमाग में भी नही ।
तमननाओ की महफिल तो हर कोई सजाता है पर . पुरी उसी की होती जो तकदीर लेकर आता है
वक़्त भी लेता है करवटे ना जाने क्या क्या … उमर इतनी तो नही थी जितने सबक सीख लिये हमने
दर्द कहां मोहताज़ होता है शब्दों का बस दो आंसू ही काफ़ी है, बयां करने को…..!!
~Chalo Accha Hua Ke Dhund Parney Lagi, Warna Dur Tak Takti Thi Niighein Raah Terii .. ‘
छोड़ तो सकता हूँ मगर छोड़ नहीं पाता उसे, वो शख्स मेरी बिगड़ी हुई आदत की तरह है.. …
~ Waqt Sab Kuch Cheen Leta Haii, Yeh Toh Phir Ek Muskurahat Thii .. ‘
बस खयालात की ही तो बात हे ,, वरना ये महोब्बत और नफरत एक ही दिल से होता है !!
किसी भुखे का पेट भरकर देखो* *सिर्फ खाली पेट व्रत रखने से माता खुश नहीं होती*..
Your email address will not be published. Required fields are marked *
Comment *
Name *
Email *