जब तक ना लगे बेवफाई की ठोकर हर किसी को अपनी पसंद पर नाज़ होता हे
गिन लेती है दिन बगैर मेरे गुजारें हैं कितने भला कैसे कह दूं कि “माँ” अनपढ़ है मेरी।।
तने बुरे ना थे जो ठुकरा दिया तुमने हमेँ. तेरे अपने फैसले पर एक दिन तुझे भी अफसोस होगा!!!
रोना ही है ज़िन्दगी तो हँसाया क्यो.. जाना था दूर तो नज़दीक़ आया ही कयो
~Woh Ab Lakhon Dilon Se Khelta Haii, . . Mujhe Pehchan Ley Itna Bohat Haii .. ‘
लब ये कहते हैं कि चलो अब मुस्कुराया जाये, सोचती हैं आखे, दिल से दगा कैसे किया जाये?
मेरी दास्ताँ-ए-वफ़ा बस इतनी सी है, उसकी खातिर उसी को छोड़ दिया…
“दुखो के बोझ में ज़िन्दगी कुछ इस तरह डूबे जा रही हैं की मेरी हर एक चाहत, हर एक आस Continue Reading..
कोई ढूंढ रहा है प्यार अपना, तो कोई दौलत के पीछे पागल है। मैं तो खोया हूँ अपने रंग-बिरंगे ख्यालों Continue Reading..
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