जब तक ना लगे बेवफाई की ठोकर हर किसी को अपनी पसंद पर नाज़ होता हे
लोग कहते हैं कि मेरी पसंद खराब है, 🙍 लेकिन फिर भी मैं तुम्हें पसंद करता हूं.
ये भी एक तमाशा है, इश्क और मोहब्बत में दिल किसी का होता है और बस किसी का चलता है.
नदी बहती थी मौहब्बत की हम दोनो के दरमिंया…. तुम तैर कर बाहर आ गये…और हम आज तक उसमें डूबे Continue Reading..
मेरी बरबादियों में तेरा हाथ है मगर……. में सबसे कह रहा हूँ ये मुकद्दर की बात है…
जिन आंखो को “सजदे” मे रोने की आदत हो* *वो आंखे कभी अपने “मुक्कदर” पे रोया नही करती*
~Mere Dil Meiin Ziiada Der Tak Rehta Nahi Koi, Log Kehte Hain Mere Dil Meiin Saya Haii Tera .. ‘
आज तो हम खूब रुलायेंगे उन्हें, सुना है उसे रोते हुए लिपट जाने की आदत है!
चेहरे “अजनबी” हो जाये तो कोई बात नही, लेकिन रवैये “अजनबी” हो जाये तो बडी “तकलीफ” देते हैं !
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