जब तक ना लगे बेवफाई की ठोकर हर किसी को अपनी पसंद पर नाज़ होता हे
जुबां तीखी हो तो खंजर से गहरा जख्म देती है,😰 और मीठी हो तो वैसे ही कत्ल कर देती है.
सुनो एक बार और मोहब्बत करनी है तुमसे, लेकिन इस बार बेवफाई mai karunga.
मौजूद थी उदासी अभी पिछली रात की, बहलाया था दिल ज़रा सा के फिर रात हो गयी…
यूँ तो मोहब्बत की सारी हकीक़त से वाकिफ है हम, पर उसे देखा तो सोचा चलो ज़िन्दगी बर्बाद कर ही Continue Reading..
Kuch isliye b mene use jaane se nhi roka, Kyu ki jata hi kyu agar mera hota……!!!!!
पाना है मुक्काम ओ मुक्काम अभी बाकी है अभी तो जमीन पै आये है असमान की उडान बाकी है !
कितना समेटे खुद को बार बार, टूट के बिखरने की भी सीमा होती है ||
बचपन में भरी दुपहरी नाप आते थे पूरा महोल्ला, 💗जब से डिग्रियाँ समझ में आई, पाँव जलने लगे
Your email address will not be published. Required fields are marked *
Comment *
Name *
Email *