कितना समेटे खुद को बार बार, टूट के बिखरने की भी सीमा होती है ||
चुनौतियो को स्वीकार करो क्योकि इससे या तो सफलता मिलेगी या सीख
जिंदगी की उलझनों ने मेरी शरारतें कम कर दीं, और लोग समझते है कि मैं समझदार हो गया
बहुत देर करदी तुमने मेरी धडकनें महसूस करने में. वो दिल नीलाम हो गया, जिस पर कभी हकुमत तुम्हारी थी.
तोड़ दिये मैंने घर के सारे ही आईने, क्यूंकि इश्क में हारे हुए लोग मुझे बिल्कुल पसंद नहीं ।।
PalAt Kr Phir Na Aa JaYe SanS NabzOn Mein……………………….. ItnE HaSeen HathOn Se MayyaT SaJa Rha H Koi
ना पीछे मुड़ के देखो, ना आवाज़ दो मुझको, बड़ी मुश्किल से सीखा है मैंने अलविदा कहना..
”ना जाने क्यों वो फिर भी इतना प्यार करती है मुझसे… ”’मैंने तो कभी माँ को गुलाब का फूल नहीं Continue Reading..
Ye wajbaat_e_ishQ hum pe hi Qarz kyu …?? Wo bhi adaa kry k muhabbat usy bhi thi …
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