गुज़र रहा हूँ तेरे शहर से क्या कहूँ क्या गुज़र रही है.
Teri mehrbani se sb kuch milta julta hai hum dono me ae rab Lekin uske dil me wo nhi jo Continue Reading..
दिल मेरा भी कम खूबसूरत तो न था,⁉ मगर मरने वाले हर बार सूरत पे ही मरे !!
आँसूं उठा लेते हैं तेरे ग़मों का बोझ, . . ये वो दोस्त हैं जो एहसान जताया नहीं करते …।
शांखो से टूट जाये वो पत्ते नही हे हम , इन आंधीयों से केहदो जरा अपनी औकात में रहे ।
यूँ तो कोई शिकायत नहीं मुझे तेरे आज से, मगर कभी – कभी बिता हुआ कल याद आता है..
भरोसा तो अपनी साँसों का भी नही है, और हम इंसानो पर करते है
मोह्हब्ब्त किसी से तब ही करना जब निभाना सिखलो .. मजबूरियों का सहारा लेकर छोड़ देना वफादारी नही होती.
कौन कहता है की वक्त बहोत तेज है •• कभी किसीका इंतजार तो करके देखो..
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