*यहां लोग अपनी गलती नहीं मानते* *किसी को अपना कैसे मानेंगे…
अजीब सबूत माँगा उसने मेरी मोहब्बत का कि मुझे भूल जाओ तो मानूँ मोहब्बत है !
सामान बाँध लिया है मैंने भी अब बताओ दोस्त 😥, वो लोग कहाँ रहते है जो कहीं के नहीं रहते।
समय,सेहत और साथी मिलते तो मुफ्त मेँ है पर इनकी कीमत तभी पता चलती है जब ये कही खो जाते Continue Reading..
मैं नादान था जो वफ़ा को तलाश करता रहा ग़ालिब… ये भी न सोचा के एक दिन अपनी साँस भी Continue Reading..
Ek Lamhey Mei’n Simat Aya Sadiyon Ka Safar, Zindagi Tez, Boht Tez Chali Ho Jaisey ..
Auron se to pyaar ka rishta bhi nahi tha.. Tum itne badal jaoge socha bi nai tha…?
हम जिस्म को नही रूह को वश मे करने का शोक रखते है
उपलब्यधियाँ और आलोचनाएँ एक दुसरे की मित्र है उपलब्यधियाँ बढेगी तो निशचित ही आपकी आलोचनाएँ भी बढेगी
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