हर ख़ता माफ़ कर दुंगा सिर्फ इतना बता दे, . क़ि तुमने मुहब्बत के लिये मुझे ही क्यों चुना
Related Posts
चलता रहूँगा मै पथ पर, चलने में माहिर बन जाउंगा, या तो मंज़िल मिल जायेगी, या मुसाफिर बन जाउंगा !
उम्र कैद की तरह होते हे कुछ रिश्ते ,, जहा जमानत देकर भी रिहाई मुमकिन नही!!
दोस्त को दौलत की निगाह से मत देखो , वफा करने वाले दोस्त अक्सर गरीब हुआ करते हैं….!!
मेरी ज़िन्दगी का खेल शतरंज से भी मज़ेदार निकला. मैं Haari भी तो apne ही Raaje से..!!
बताओ ज़रा कौन सी बहार ले आया है जनवरी . . सब कहते थे बड़ा वीरान है दिसंबर..!!
मेरे लफ़्ज़ों से न कर मेरे क़िरदार का फ़ैसला।। तेरा वज़ूद मिट जायेगा मेरी हकीक़त ढूंढ़ते ढूंढ़ते।
ये शहर आजकल वीरान पड़ा है, सुनने में आया है कि, उनकी पायल खो गयी है।
~Tere Baad Kon Roky’Ga Humein, Hum Khud Ko Jee Bhar k Barbaad Karein’Gy .. ‘
