हर ख़ता माफ़ कर दुंगा सिर्फ इतना बता दे, . क़ि तुमने मुहब्बत के लिये मुझे ही क्यों चुना
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ये दरिया-ए-अफसाना कभी ख़त्म ही नही होता ना तुम आते ना ये यादों का कारवां ही ख़त्म होता….
तुम तो मुझे रुलाकर दूर चले गये.. मै किससे पूछूँ मेरी खता क्या है..
तुम दूर हो या पास फर्क किसे पड़ता है, तू जँहा भी रहे तेरा दिल तो यँही रहता है..!
मोह्हब्ब्त किसी से तब ही करना जब निभाना सिखलो .. मजबूरियों का सहारा लेकर छोड़ देना वफादारी नही होती.
नाकामयाब मोहब्बत ही सच्ची होती है !! कामयाब होने के बाद मोहब्बत नहीं बचती !!
Ehsan Karo To Duao Me Meri Maut Mangna, Ab Ji Bhar Gaya Hai Jindgi Se !
तेरी गली में आकर के खो गये हैं दोंनो.! मैं दिल को ढ़ूँढ़ता हुँ दिल तुमको ढ़ूँढ़ता है.!
यूँ तो मुक्कमल कर दिया है मुझे इश्क़ ने तेरे.. पर तक़दीर के चलते रह गए ज़िन्दगी के कुछ पन्ने Continue Reading..
