कोई ढूंढ रहा है प्यार अपना, तो कोई दौलत के पीछे पागल है। मैं तो खोया हूँ अपने रंग-बिरंगे ख्यालों में, जबकि मेरी जिंदगी में छाए अंधेरे के बादल है
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तेरे बाद किसी को प्यार से ना देखा हमने….. हमें इश्क का शौक है, आवारगी का नही…
~Chalo Accha Hua Ke Dhund Parney Lagi, Warna Dur Tak Takti Thi Niighein Raah Terii .. ‘
ना जाने इस ज़िद का नतीज़ा क्या होगा.. समझता दिल भी नहीँ वो भी नहीँ मैँ भी नहीँ..
मुस्कुरा के देखो तो सारा जहाँ रंगीन है। वर्ना भीगी पलकों से तो आईना भी धुंधला दिखता है।।
तुम से बिछड के फर्क बस इतना हुआ … तेरा गया कुछ नहीँ और मेरा रहा कुछ नहीँ…!
सोचते हैं जान अपनी उसे मुफ्त ही दे दें , इतने मासूम खरीदार से क्या लेना देना ।
अजीब है इन्सान की शख़्सियत यारों, हवस ख़ुद की उठती है “तवायफ़” उसे बोलता है…
वो कहते हैं हम जी लेंगे खुशी से तुम्हारे बिना, हमें डर है वो टूटकर बिखर जायेंगे हमारे बिना।
