कितनी बुरी आदत है ना मेरी….* *बहुत जल्दी भरोसा कर लेता हूं लोगो पर
नफरतें जला रही लोगों को बुरी तरह ….. आग को तो यूँ ही बदनाम कर रहे हैं हम …!
Tumhain tarteeb dy raha hon main, Mery andar bikhar gaye ho tum…!!!
वो तो हम जैसे शायरों ने लफ़्ज़ों सेसजा रखा है… वरना मोहब्बत इतनी भी हसीं नहीँ होती…
Kal tujhse bichrdne ka faisla kar liya tha!! Aj apne hi dil ko rishwat de rahi hu!! 🙁
दिल में जोर से दस्तक दे रहा है कोई… लगता है यादों के आने का वक़्त हो गया..
जहां तक रिश्तों का सवाल है लोगो का आधा वक़्त अन्जान लोगों को “इम्प्रेस” करने और अपनों को “इग्नोर” करने Continue Reading..
मेरी कहानी तुम सुन सको…!!! . . इतने आँसू कहाँ हैं तुम्हारे पास…!!!
गलती उनकी नहीं कसूरवार मेरी गरीबी थी दोस्तों, हम अपनी औकात भूलकर बड़े लोगों से दिल लगा बैठे.
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