“मंजिल” भी उसकी थी.. “रास्ता” भी उसका था..
एक मैं “अकेला” थी बाकी “काफिला” भी उसका था..
.. 😐😐
साथ-साथ “चलने” की सोच भी उसकी थी..
फ़िर “रास्ता” बदलने का “फ़ैसला” भी उसका था..
Related Posts
Usy Pana Usy Khona Usi K Hijar Me Rona Yehi Gar Ishq Hai Mohsin To Hum Tanha Hi Ache Hain..
वो अक्सर मुझसे पूछा करती थी, तुम मुझे कभी छोड़ कर तो नहीं जाओगे, काश मैंने भी पूछ लिया होता..
~Aaj Ki Shaam Bhii Qayamat Kii Tarha Guzrii, Na’Jane Kya Baat Thii Har Baat Pe Tum Yaad Ay .. ‘
Barbaad Hi karna Tha Toh kisi aur Tareeke Se Karte Aye Sanam Zindagi ban Kar Zindagi Hi Cheen li Tumne Continue Reading..
मोहब्बत में हमेशा बाद्शाह समझा मेने……. लेकिन अहसास तो तब हुआ…… जब किसी को मांगा फ़किरो कि तरह…..
बिखरे हुए खुद को समेटने के लिए अकेलेपन में, जो एक मात्र साथी होता है वह सिर्फ और सिर्फ तेरी Continue Reading..
कहाँ तलाश करोगे तुम मुझ जैसा कोई… जो तुम्हारे सितम भी सहे…. और तुमसे मुहब्बत भी करे !!!
तू गया है इस बार तो लौट के मत आना !! अब तुझे पाने की वो चाह खत्म सी हो Continue Reading..