भरोसा तो अपनी साँसों का भी नही है, और हम इंसानो पर करते है
रुलाने में अक्सर उन्ही का हाथ होता है. जो कहते है कि तुम हँसते हए बहुत अच्छे लगते हो.
नींद तो बचपन में आती थी अब तो mobile को rest देने के लिए सो जाते हैं
जो छलक न पाए ‘आँसू’ … उन्हें ‘बेबसी’ समझना … जो छलक जाए, उन्हें मेरी ‘बेसब्री’ समझना ।।
~Kismat Ki Lakeeron Par Aitbaar Karna Chor Dia Jab Insaan Badal Sakte Hain To Ye Lakeeren Kyun Nahi .. ^
भूले हैं रफ्ता-रफ्ता उन्हें मुद्दतों में हम, किश्तों में खुदकुशी का मज़ा हम से पूछिए.
अगर इतनी नफरत है मुझसे तो कोई ऐसी दुआ कर, जिससे तेरी दुआ भी पूरी हो जाऐ और मेरी जिन्दगी Continue Reading..
-PagalPan Kii Saarii Lakeeren Mere Haath Mein Kyu? Jiisko Chahun Mein Hi Chahun Meiin Hi Chahun Kyu?
वो ना ही मिलते तो अच्छा था… बेकार में मोह्हबत से नफ़रत हो गयी
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