कसूर तो बहुत किए हमने जिंदगी में❣ सजा वहां मिली❣ जहां हम बेकसूर थे
राहों का ख़याल है मुझे.. मंज़िल का हिसाब नहीं रखती। अल्फ़ाज़ दिल से निकलते है.. मैं कोई किताब नहीं रखती।।
मेरी दास्ताँ-ए-वफ़ा बस इतनी सी है, उसकी खातिर उसी को छोड़ दिया…
डब्बे मे डब्बा डब्बे मे ब्रश उसकी ठरकी ज़िंदगी है , हर हफ्ते नया क्रश
Khushbu Ke Jazeeron Se Sitaron Ki Hadoon Tak Is Sheher Mai Sab Kuch Hai Bas Ik Teri Kami Hai .-.!
आज पगली बरसो बाद मिली तो गले लगकर खूब रोइ….. जानते हो ये वही थी जिसने कहा था तेरे जैसे Continue Reading..
इत्तेफ़ाक़ से मिल जाते हो जब वो राह में कभी, यूँ लगता है करीब से ज़िन्दगी जा रही हो जैसे।
Mujhe Ek Baat Se Bahut Sukoon Milta Hai. Mera Koi Nahi But Mai Sabka Hun.. !!
Main to barbaad ho gaye hoon magar, Ab kissi ko na tum aasraa denaa..
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