कहता है इबादत करता हूँ पर दिल की जगह जुबा से काम लेता हूँ
Khaak mutthi mein liye Qabar ki yeh sochta hun.!! “dost” Insan Jo Mrty Hain to”Groor Kahan Jata hai….?
mere dushman jal jaatey hai mere shahi andaz se, kyoki hum dosti bhi karte mohabat ke andaz se.
तेरी जुदाई का शिकवा करूँ भी तो किससे करूँ। यहाँ तो हर कोई अब भी मुझे तेरा समझता हैं…!!
तमन्ना थी सदा जिनके करीब रहने की❤ अब खुद ही उनसे बहुत दूर हुए जा रहा हूँ।
जरूरी नही हर ख्वाब पूरा हो… सोचा तो उसे ही जाता है जो अधूरा हो….”
”ना जाने क्यों वो फिर भी इतना प्यार करती है मुझसे… ”’मैंने तो कभी माँ को गुलाब का फूल नहीं Continue Reading..
बहुत दिन हो गए ‘मुहब्बत’ लफ्ज़ सुन सुनकर मुझे…. कल ‘बेवफ़ा’ सुना तो तरी बहुत याद आई मुझे….
अपनी यादों से कहो एक दिन की छुट्टी दे मुझे इश्क के हिस्से में भी एक इतवार होना चाहिए ।।
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