कहता है इबादत करता हूँ पर दिल की जगह जुबा से काम लेता हूँ
मेरे ख़िलाफ़ बातें बड़ी ख़ामोशी से सुनता हूँ मैं, मैंने जवाब की ज़िमेदारी वक़्त को दे रखी है l
एक बात बता😑 तुमने मेरे बगैर भी, जी कर दिखा दिया, अब सवाल ये है कि “दिल” का क्या हुआ
मौजूद थी उदासी अभी पिछली रात की, बहलाया था दिल ज़रा सा के फिर रात हो गयी…
नाज़ुक लगते थे जो हसीन लोग, वास्ता पड़ा तो पत्थर के निकले.
लोग गलतियां कर के बदनामी से बच गये…. मैं चंद ख्वाब देख के भी गुनहगार हो गया.
~Kuch Gham Nahi us Se Bichar Jane Ka, Afsoos Itna Hai Mera Ho Ke Bhi Mera Na Ho Saka .. Continue Reading..
मेरे कंधे पर कुछ यूँ गिरे तेरे आंसू, कि सस्ती सी कमीज़ अनमोल हो गयी.!!
जहां तक रिश्तों का सवाल है लोगो का आधा वक़्त अन्जान लोगों को “इम्प्रेस” करने और अपनों को “इग्नोर” करने Continue Reading..
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