इक झलक जो मुझे आज तेरी मिल गयी मुझे फिर से आज जीने की वजह मिल गयी
बस खयालात की ही तो बात हे ,, वरना ये महोब्बत और नफरत एक ही दिल से होता है !!
भरोसा तो अपनी साँसों का भी नही है, और हम इंसानो पर करते है
जुबां कह न पाई मगर,आँखे बोलती ही रही, कि मुझे सांसो से पहले तेरी जरूरत है.
Apni halat ka khud ehsaas nahi h mujhko maine auro se suna hai ki pareshan hu mein.
Tum jo hoty to zindagi hum sy…. Ralkh lehjy men baat ku krti….
मैंने पूछा एक पल में जान कैसे निकलती है, उसने चलते चलते मेरा हाथ छोड़ दिया..
~Meiin Umar Bhar Na De Saki Koi Jawaab .. Wo Ek Pal Me Kiitne Sawaal Kar Geya .. ^
तेरी मुहब्बत की तलब थी तो हाथ फैला दिए वरना, हम तो अपनी ज़िन्दगी के लिए भी दुआ नहीं करते…
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