बचपन में भरी दुपहरी नाप आते थे पूरा महोल्ला, 💗जब से डिग्रियाँ समझ में आई, पाँव जलने लगे
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Woh Saath Tha To Mano Jannat Thi ZindaGi……. Ab To Har Saans Zinda Rahne Ki Wajah Poochti Hai !!
Diye hain zindagi ne zakhm aese, . Ke jin ka waqt bhi marham nahin hai “
Kya mila unko hamari duniya chhod kar, Khud bhi tanha reh gaye humein tanha chord kar.
एक गलत इन्सान की वजह से कभी कभी, हमें पूरी दुनिया से नफरत हो जाती है !!
गलती उनकी नहीं कसूरवार मेरी गरीबी थी दोस्तों, हम अपनी औकात भूलकर बड़े लोगों से दिल लगा बैठे.
~एक बार देखा था उसने मेरी तरफ मुस्कुराते हुए, बस! इतनी सी हकीकत है, बाकी सब कहानियाँ हैं .. ^
फुरसत अगर मिलें तो…मुझे पढ़ना जरूर,, शायद….. मैं ही तेरी उलझनों का…मुकम्मल जवाब हूँ…..!
एक दिन हम एक-दुसरे को यह सोच कर खो देगे, कि वो याद नही करता तो मै क्यो करू
