तकदीर इतनी भी बुरी नहीं थी, पर कुछ रिश्तों ने नरक बना दी जिंदगी को
Khushbu Ke Jazeeron Se Sitaron Ki Hadoon Tak Is Sheher Mai Sab Kuch Hai Bas Ik Teri Kami Hai .-.!
आज मेरे लफ्जों की तबियत ठीक नहीं.. आज आप अपने पसंद की कोई शायरी ही सुना दो
थोड़ी सी उम्र में हमने, घूम जनाज़ा देखा। ऊपर से तो मीठी बोली, नस नस में बेईमाना देखा।
*खामोशी से बनाते रहो पहचान अपनी..* *हवाएँ ख़ुद गुनगुनाएगी नाम तुम्हारा..!!*
~ Kabhi Miley Fursat Tu Itna Lazmii Batana Wo Kon Si Mohabbat Haii ? Jo Hum Tumheiin De Na Saky Continue Reading..
अपनी पहचान का तुझसे हवाला चाहु कितना पागल हूँ जो अँधेरे से उजाला चाहु
क्या बयां करूँ कि लब अब खामोश रहते हैं, जुदा होकर उनसे हम अधूरे से लगते हैं
काश तू मुझसे बस इतनी सी मोहब्बत निभा दे, जब मै रुठु तो तू मुझे मना ले |
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