दाग़ तो रूह पर भी आ जाता है, जब दिलों में दिमाग़ आ जाता है
चलो मंजूर है तेरी बेरुखी मुझको बस इतना करो कि बेवफा मत होना
हमसफ़र खूबसूरत नहीं.. सच्चा होना चाहिए
~Waffa Par Ab Bhii Qaiim Hoon Meiin, Lekin Ab Mohabbat Chorr Di Hamne .. ‘
मेरे कंधे पर कुछ यूँ गिरे तेरे आंसू, कि सस्ती सी कमीज़ अनमोल हो गयी.!!
मुमकिन नहीं शायद किसी को समझ पाना … बिना समझे किसी से क्या दिल लगाना
जिँन्दगी मे इतनी शिद्दत से निभाना अपना किरदार . के परदा गिरने के बाद भी तालियां बजती रहे
एक सफ़र ऐसा भी होता है दोस्तों, जिसमें पैर नहीं दिल थक जाता है…
छोटा सा सपना है मेरा, जो रोटी में खाऊ वो तू बनाये..
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