मैं मानता हूँ खुद की गलतियां भी कम नहीं रही होंगी मगर बेकसूर उन्हें भी कहना मुनासिब नहीं
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बात तो सिर्फ जज़्बातों की है वरना, मोहब्बत तो सात फेरों के बाद भी नहीं होती.
सुना है कि मिल जाती है हर चीज दुआ से …… आज तुम्हें मांग के देखेंगे खुदा से।
इतनी मतलबी हो गई हैं आँखें मेरी, कि तेरे दीदार के बिना दुनिया अच्छी नहीं लगती..!!!
पेड़ को काटने आये हैं कुछ लोग, मगर, धूप बहुत तेज है तो, उसकी छांव में बैठे हैं……….
मिल जायेंगा हमें भी कोई टूट के चाहने वाला अब शहर का शहर तो बेवफा नहीं हो सकता…
Unhone waqt samajh kar guzaar diya humko.. Hum unhe zindagi samjhkar aaj bhi jee rahe hain..
कौन कहता है की वक्त बहोत तेज है •• कभी किसीका इंतजार तो करके देखो..
!! हम आये हैं तेरे शहर में एक मुसाफ़िर की तरह ऐ अज़नबी बस एक बार मुलाकात का मौका देदे Continue Reading..
