मैं मानता हूँ खुद की गलतियां भी कम नहीं रही होंगी मगर बेकसूर उन्हें भी कहना मुनासिब नहीं
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यकीन मानो रिश्ता तोड़कर एक बार रोना….. रिश्तें में रहकर रोज रोज रोने से लाख गुना बेहतर होता है….
Itna asaan nahin tha mujh ko bhulaana, Uss ne khud ko ganwaa diya ho ga..
कोई चेहरे का दीवाना, किसी को तन की तलब!! अदाएं पीछा करवाती हैं, मोहब्बत कौन करता है
जिंदगी सफ़र पर निकल चुकी है… मंजिल कब मिलेगी तू ही बता ये मेरे खुदा..!
तमननाओ की महफिल तो हर कोई सजाता है पर . पुरी उसी की होती जो तकदीर लेकर आता है
मुंह की बात सुने हर कोई, दिल के दर्द को जाने कौन , आवाज़ों के बाजारों में, ख़ामोशी पहचाने कौन Continue Reading..
Kabhi guroor mat karna apne husn par Tum ik-lotte nhi jise khuda ne husn nawaza hai”
Teri mehrbani se sb kuch milta julta hai hum dono me ae rab Lekin uske dil me wo nhi jo Continue Reading..
