“”कुछ तो रहम कर ए-संग दिल सनम, इतना तङपना तो लकीरों मे भी न था..
जाते उसने पलटकर इतना ही कहा मुझसे मेरी बेवफाई से ही मर जाओगे या मार के जाऊँ”
~ Woh Naah Miltey Toh Acha Tha Bekaar Main [Mohabbat• Sey Nafrat Hogayi .. ‘
किताबें भी पढ़ने का शौक़ नहीं था हमें, और इस इश्क़ ने आँखें पढ़ना सिखा दिया !!
मौत को देखा तो नही पर शायद वो बहुत खूबसूरत होगी, कम्बख्त जो भी उस्से मिलता है जीना छोड देता Continue Reading..
~Tum Haqeeqat’E-Ishq Ho Yaah Faraib Merii Aankhon Ka, Na Dil Se Niikaltey Ho Na Zindagi Meiin Aatey Ho .. ‘
नाकामयाब मोहब्बत ही सच्ची होती है !! कामयाब होने के बाद मोहब्बत नहीं बचती !!
एक सुखी पति था………….. * * * * * * * * * * जाँच चल रही है किसका था।
“सूखे हुए दरिया से इक नाव लगी कहने, अपना भी जाने अब किस बात से रिश्ता है
Your email address will not be published. Required fields are marked *
Comment *
Name *
Email *