“”कुछ तो रहम कर ए-संग दिल सनम, इतना तङपना तो लकीरों मे भी न था..
Tumne Samjha Hi Nahii Aur Na Hii Samjhana Chaha, Hum Chahtey Hii Kya Thay Tumse Tumhare Siiwa ..
क्या पता था कि महोब्बत हो जायेगी,.?..हमे हमें तो बस तेरा? मुस्कुराना अच्छा लगा था.
कहा था सबने, डूबेगी यह कश्ती मगर हम जानकर बैठे उसी मेंll
हर बार हम पर इल्जाम लगा देते हो मोहब्बत का….!! कभी खुद से भी पूछा है इतनी खुबसूरत क्यों हो….!!
दोनों साथ गये हैं वक्त बिताने डिनर पर.. बातें मगर उनसे.. मोबाइल कर रहा है!
Teri Chahat Toh Muqadar Hy, Milley Na Milley,,,,, Rahat Zaror Mill Jati Hy Tujhay Apna Soch Ker,,,,
हम एक दिन महरूफ़ क्या हुए, जनाब ने तोहमत लगा दी खुद को भूल जाने की.
मुझे इस बात का गम नहीँ कि बदल गया ज़माना। मेरी जिंदगी तो सिर्फ तुम हो कहीँ तुम ना बदल Continue Reading..
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