“”कुछ तो रहम कर ए-संग दिल सनम, इतना तङपना तो लकीरों मे भी न था..
तकलीफ कि इन्तेहा तो तब है, जब लोग जिंदा रहे और रिश्ते मर जाये…
~Woh Matlab Se Miltey Haiin Aur, Hameiin Siirf Milney Se Matlab Haii .. ‘
मोहब्बत है मेरी इसीलिए दूर है मुझसे, अगर जिद होती तो शाम तक बाहों में होती ।
~Terey Baad Nazar Aati Nahi Mujhe Ab Koi Manzil, Kisi Aur Ka Ho Jana Ab Merey Bas Mein Hi Nahi Continue Reading..
बड़ी हिम्मत दी उसकी जुदाई ने मुझे, अब ना किसी को खोने का डर, ना पाने की चाहत।
मेरे साथ बिताए लम्हो की याद जरा सम्भाल कर रखना . क्योकि हम याद तो आएगे मगर लौटकर नही
किस्मत तो लिखी थी मेरी सोने की कलम से, पर इसका क्या करें कि स्याही में ज़हर था..
गलती उनकी नहीं कसूरवार मेरी गरीबी थी दोस्तों, हम अपनी औकात भूलकर बड़े लोगों से दिल लगा बैठे.
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