सोचा था आज कुछ तेरे सिवा सोचूँ तब से सोच में हूँ कि और क्या सोचूँ
देख कर उसको तेरा यूँ पलट जाना। नफ़रत बता रही है, तूने महोब्बत् गजब की थी।।
कभी झुकने की तमन्ना कभी कड़वा लहजा अपनी उलझी हुयी आदतों पे रोना आया
बेकल बेकल रहते हो पर महफ़िल के आदाब के साथ आँख चुरा कर देख भी लेते भोले भी बन जाते Continue Reading..
क्या खूब मेरे क़त्ल का तरीका तूने इजाद किया.. मर जाऊं हिचकियों से, इस कदर तूने याद किय
Yeh bhi acha hua shayed, ke usey paa na sake hum, Hamaara ho ke agar bicharrta to qayamat hoti..
Badi ajeeb se aaj kal Duniya ke mele hai, Doorr se dikhti to bheed hai par chalte sab akele hai..
वक़्त भी लेता है करवटे ना जाने क्या क्या … उमर इतनी तो नही थी जितने सबक सीख लिये हमने
मैं आपकी नज़रों से नज़र चुरा लेना चाहता हूँ,😍 देखने की हसरत है बस देखते रहना चाहता हूँ
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