सोचा था आज कुछ तेरे सिवा सोचूँ तब से सोच में हूँ कि और क्या सोचूँ
निग़ाहों में अभी तक दूसरा कोई चेहरा ही नहीं आया.. !! भरोसा ही कुछ ऐसा था,तेरे लौट आने का…!!
सादगी अगर हो लफ्जो मे, यकीन मानो, प्यार बेपनाह,और दोस्त बेमिसाल मिल ही जाते हैं !!
बड़े अजीब से हो गए रिश्ते आजकल.. सब फुरसत में हैं पर वक़्त किसी के पास नही
भूखा पेट,खाली जेब और झूठा प्रेम इन्सान को जीवन मे बहुत कुछ सिखा जाता है
तुम से बिछड के फर्क बस इतना हुआ … तेरा गया कुछ नहीँ और मेरा रहा कुछ नहीँ…!
मुजे ऊंचाइयों पर देखकर हैरान है बहुत लोग, पर किसी ने मेरे पैरो के छाले नहीं देखे…..!!!!
Mujhko Mujh Mein Jagha Nahi Milti, Tu Hai Maujood Iss Qadar Mujhe Mein.
usne milne ki b ajeeb sharat rakhi…. ki chal ker aao sukhe patton pr…. pr koi aahat na ho…
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