दिल खामोश सा रहता है आज कल,
मुझे शक है कहीं मर तो नहीं गया मैं :))
इत्तेफ़ाक़ से मिल जाते हो जब वो राह में कभी, यूँ लगता है करीब से ज़िन्दगी जा रही हो जैसे।
Itna “ZALIM” na bano kuCh to “MURAWAT” seekho. . . . Tum pay mrtay hain toh kya “MAAR” hi dalo Continue Reading..
दिलों की बात करता है ज़माना . पर मोहब्बत आज भी चेहरे से शुरू होती है.
हम सा काहिल न मिलेगा कहीं खुद ख्वाहिशें हमसे तंग सजन
~सुनो बुरा ना मानो तो मै एक बात कहूँ .. मुझे तुम्हारी ज़रूरत है जिन्दगी के लिये .. ^
गरीबों की बस्ती में ज़रा जा कर देखो… बच्चे भूखे तो मिलेंगे पर उदास नही…!!
मेरा वक़्त बोला मेरी हालत को देख कर, मैं तो गुजर रहा हूँ तू भी गुजर क्यों नहीं जाता.
इतने जालिम न बनो कुछ तो दया सीखो, तुम पे मरते हैं तो क्या मार ही डालोगे।।
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