अंत में लिखी है दोनों की बर्बादी, आशिक़ हो या हो आतंकवादी
मैंने वहा भी तुझे मांगा हैं जहाँ लोग खुशी मांगते हैं….
ख्वाब मत बना मुझे सच नहीं होते, साया बना लो मुझे साथ नहीं छोडेंगे..!!
मोहब्बत सिर्फ मोहब्बत चाहती है, किसीकी महेरबानी नहीं !!
पुराने आशिक वफा तलाश करते थै, आज के आशिक जगह तलाश करते है..
अपने Attitude का ऐसा अंदाज रखो जो तुम्हे ना समझे, उसे नजर अंदाज रखो…
त्यौहारों के बहाने ही सही, रिश्ते तो घर लौट आते है…
इतनी शिकायत , इतनी शर्तें , इतनी पाबन्दी, तुम मोहब्बत कर रहे हो या सौदा कोई !!
~Hum To Agaaz’E-Mohabbat Mein Hi Lutt Gy, Log Toh Kehte The Ke Anjaam Bura Hota Haii .. ‘
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