फ़िक्र तो तेरी आज भी है.. बस .. जिक्र का हक नही रहा।
Ladki hai wo, Alarm nahi Pyaar karo usse, set nahi.
क्यों याद करेगा कोई बेवजह मुझे ऐ खुदा , लोग तो बेवजह तुम्हे भी याद नहीं करते !!”
उन्हें शिकायतों से शिकायत रहने लगी है, अब हम शिकायत जो नहीं करते!
~Hasrat’E-Deedar Bhii Kya Cheez Hyy, Wo Samne Aye To Musalsal Dekha Bhi Nahi Jata .. ‘
चलो मंजूर है तेरी बेरुखी मुझको बस इतना करो कि बेवफा मत होना
तन्हाई की सरहदें और भीगी पलके….!! हम लुट जाते हैं, रोज तुम्हें याद करके….!
~Suno Tum Badl Gy Ho Kya Ya Tum Theyy Hi Aiise .. ‘
छोटा सा सपना है मेरा, जो रोटी में खाऊ वो तू बनाये..
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