मोहब्बत में दूरियों से फर्क नहीं पड़ता
मोहब्बत निभाने वाला सच्चा हो
क्यों याद करेगा कोई बेवजह मुझे ऐ खुदा , लोग तो बेवजह तुम्हे भी याद नहीं करते !!”
मुझे महोब्बत है तेरे मन से.. न तेरी खूबसूरती से न लिबास से..
अपने Attitude का ऐसा अंदाज रखो जो तुम्हे ना समझे, उसे नजर अंदाज रखो…
Ek tera noor hi kaafi h.. Sare jhaa ki roshni k liye
कोई नहीं बचाकर रखना चाहता है यादें जान से प्यारे खत बेरुखी से जलने लगे हैं !!
अंत में लिखी है दोनों की बर्बादी, आशिक़ हो या हो आतंकवादी
मेरे कंधे पर कुछ यूँ गिरे तेरे आंसू, कि सस्ती सी कमीज़ अनमोल हो गयी.!!
~Bari Gustakhiyan Karne Laga Hay, Ye Dil Mujh Se, Ye Jab Se Tera Huwa Hy Meri Sunta Hi Nahi .. Continue Reading..
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