सारा बदन अजीब से खुशबु से भर गया शायद तेरा ख्याल हदों से गुजर गया..
तने बुरे ना थे जो ठुकरा दिया तुमने हमेँ. तेरे अपने फैसले पर एक दिन तुझे भी अफसोस होगा!!!
चलो बिखरने देते है जिंदगी को अब, सँभालने की भी तो एक हद होती है…!
-Aap Khud Hi Apnii AdaaO Pe Zara Gaur Kijiye, Hum Araz Krengey Toh Shikayat Hogi .. ‘
पतंग सी हैं जिंदगी, कहाँ तक जाएगी..! रात हो या उम्र, एक ना एक दिन कट ही जाएगी.
आज दिन में ही रो लिया मैंने……. रात को नींद आ ही जायेगी…??
बहुत दिन हो गए ‘मुहब्बत’ लफ्ज़ सुन सुनकर मुझे…. कल ‘बेवफ़ा’ सुना तो तरी बहुत याद आई मुझे….
Jane Aisi Bhi Kia Dil Lagi Thi Tum Se, Main Ne Aakhri Khwahish Mein Bhi Tumhari Mohabbat Mangi…
यकीन नहीं होता फिर भी कर लेता हूँ…!!! . . जहाँ इतने हुए..एक और फरेब हो जाने दो…!!!
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