सारा बदन अजीब से खुशबु से भर गया शायद तेरा ख्याल हदों से गुजर गया..
Dil na ummeed nahi nakam hi to hai.. Lambi hai ghum ki shaam magar shaam hi to hai…
आज मेरे लफ्जों की तबियत ठीक नहीं.. आज आप अपने पसंद की कोई शायरी ही सुना दो
Badi ajeeb se aaj kal Duniya ke mele hai, Doorr se dikhti to bheed hai par chalte sab akele hai..
जैसा भी हूँ अच्छा या बुरा अपने लिये हूँ, मै खुद को नहीं देखता औरो की नजर से !!
जलील न किया करो किसी फ़क़ीर को अपनी चौखट से साहब…. वो सिर्फ भीख लेने नहीं दुआ देने भी आता Continue Reading..
भूख तो एक रोटी से भी मिट जाती माँ, अगर थाली की वो एक रोटी तेरे हाथ की होती
~Nahi Haii Meri Fitrat Mein Yeh Adaat, Warna Teri Tarah Badlna Mujhe Bhii Aata Haii .. ‘
आदत बना ली है….मैंने खुद को तकलीफ देने की, ताकि जब कोई अपना तकलीफ दे तो फिर तकलीफ न हो.
Your email address will not be published. Required fields are marked *
Comment *
Name *
Email *