मेरी दास्ताँ-ए-वफ़ा बस इतनी सी है, उसकी खातिर उसी को छोड़ दिया…
हद से बढ़ जाये ताल्लुक तो ग़म मिलते हैं, हम इसी वास्ते, अब हर शख्स से कम मिलते हैं
मैं कौन हूँ यह पता चल जाये तोह मुझे भी बता देना… —” काफी दिनों से तलाश है मुझे मेरी Continue Reading..
Bohot dard hua mujhe jab usne kaha.. . . Jaa raha hun main tum apna khyal rakhna.
फिर से तेरी यादें मेरे दिल के दरवाजे पे खड़ी हैं वही मौसम, वही सर्दी, वही दिलकश ‘जनवरी’ है !!
~Terii Be’Rukhi Ka Anjaam Ek Din Yehii Hoga, Aakhiir Bhula Hii Denge Tujhe Yaad Karte Kartey .. ‘
मुझे छोड़ कर जिसके करीब गये हो तुम…. सुना है उससे… तुम हर बात पर मेरी मिसाल देते हो….
बिना मतलब के दिलासे भी नहीं मिलते यहाँ , लोग दिल में भी दिमाग लिए फिरते हैं !!
वो इतना रोई मेरी मौत पर मुझे जगाने के लिए.. मैं मरता ही क्यूँ अगर वो थोडा रो देती मुझे Continue Reading..
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