मेरी दास्ताँ-ए-वफ़ा बस इतनी सी है, उसकी खातिर उसी को छोड़ दिया…
Ye Bary Dukh Ki Bat Hai K Ab Hamara Aik Dusray K Dukh Se Koi Wasta Nahi Raha Hai…
jisko टूट के प्यार किया हो : उसको भूला पाना इतना आसान नही होता
हमने तुम्हें उस दिन से और ज़्यादा चाहा है, जबसे मालूम हुआ के तुम हमारे होना नही चाहते.
ज़िन्दगी इतनी मुश्किल इसलिए है, क्यूंकि लोग आसानी से मिली चीज की कीमत नहीं जानते !!
ना जाने कैसा रिश्ता है इस दिल का तुझसे.. धड़कना भूल सकता है पर तेरा नाम नही
उसे किस्मत समझ कर गले से लगाया था हमने, पर भूल गए थे हम किस्मत बदलते देर नही लगती
Mat baha aansoo beqadron k liye jo qadar karte hein wo kabi rone nahi deite”.
लड़कियाँ खिलौना नही होती… जनाब.. पिता तो यूँ ही प्यार से गुड़िया कहते हैं
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