बेकसूर कोई नहीं इस ज़माने मे, बस सबके गुनाह पता नहीं चलते.
मैं खुल के हँस तो रहा हूँ फ़क़ीर होते हुए , वो मुस्कुरा भी न पाया अमीर होते हुये ।।
~ Gham-e-Khaas Par Kabhi Chup Rahe .. Toh’ Kabhi Ro Diye Gham-e-Aaam Par .. ^
वो लफ्ज कहां से लाऊं जो तेरे दिल को मोम कर दें….!! मेरा वजूद पिघल रहा है तेरी बेरूखी से……!!
कुछ लफ्ज ढूंढ सिर्फ मेरी खुशियों के लिये मैं दुनिया खरीद दूंगा तुझे खुश रखने के लिये.
बहुत सौचकर आज खुद से ये सवाल किया मैने, . . ऐसा क्या है मुझमे के लोग मुझसे वफा नही Continue Reading..
दिल तो चाहता हैं में भी किसी से प्यार करू पर मेरी तनख्वा बहोत कम है जनाब
Jindagi uhi gujar jati hai kisike intejar me, kyo chhod jate hai wada karke pyar me.
मुजे ऊंचाइयों पर देखकर हैरान है बहुत लोग, पर किसी ने मेरे पैरो के छाले नहीं देखे…..!!!!
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