बेकसूर कोई नहीं इस ज़माने मे, बस सबके गुनाह पता नहीं चलते.
मेरे साथ बिताए लम्हो की याद जरा सम्भाल कर रखना . क्योकि हम याद तो आएगे मगर लौटकर नही
साझेदारी करो तो किसी के दर्द के साथ, क्योंकि खुशियों के दावेदार तो बहुत हैं।
~Phiir Jab Meiin Uske Biina Jeeney Lagii , Usee Merii Kamii Mehsoos Hone Lagi .. ‘
मैं मोहब्बत करता हूँ तो टूट कर करता हुँ… ये काम मुझे जरूरत के मुताबिक नहीं आता….
Jee karta hai muft me hi use apni jaan de du, Itne masoom kharid’dar se kya len-den karna…
अब ऩ कोई हमे अपनेपन का यकीन दिलाये, हमें रूह में भी बसा कर निकाला है लोगो ने..
आज भी प्यारी है मुझे तेरी हर निशानी .. फिर चाहे वो दिल का दर्द हो या आँखो का पानी।
Aa kuch likhdu tere bare meIN, Tu bhi dhundhti hogi khud ko mere Lafzon meIN
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