सोया रहा नसीब एक अरसे तक, जागने पर जरूरत सी खत्म हो गई अब
दूर उन्हें जाना था ये …. एहसास तो था लेकिन……!!* *बिछड़ना इस कदर होगा …..ये ख्याल ना आया …..
बदल जाती है जिंदगी की सच्चाई उस वक्त, जब कोई तुम्हारा.. तुम्हारे सामने.. तुम्हारा नहीं होता.
Koi Taweez Aisi Do Ke Mai Hoshiyaar Ho Jaaon.. Bohot Takleef Deti Hai Mujhe Ye Saadgi Meri…
तमननाओ की महफिल तो हर कोई सजाता है पर . पुरी उसी की होती जो तकदीर लेकर आता है
UDHTE prindo ko koi nhi ROK skta….. JO APNE hote hai WO khud hi LAUT kr aate hai….
हम तो फ़ना हो गए आपकी एक झलक देख कर।।। ना जाने रोज आईने पर किया गुजरती होगी।।।
“सूखे हुए दरिया से इक नाव लगी कहने, अपना भी जाने अब किस बात से रिश्ता है
ये अच्छा है कि अच्छा नहीं हूँ मैं…!!! . . चलो कोई दुखी तो नहीं होगा मेरे मरने पे…!!!
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