भिखारिन – “बच्चा भूखा है, कुछ दे दे सेठ!”
गोद में बच्चे को उठाए एक जवान औरत हाथ फैला कर भीख माँग रही थी।
“इस का बाप कौन है? अगर पाल नहीं सकते तो पैदा क्यों करते हो?”
सेठ झुंझला कर बोला।
औरत चुप रही। सेठ ने उसे सिर से पाँव तक देखा। उसके वस्त्र मैले तथा फटे हुए थे, लेकिन बदन सुंदर व आकर्षक
था।
वह बोला, “मेरे गोदाम में काम
करोगी? खाने को भी मिलेगा और पैसे
भी।”
भिखारिन सेठ को देखती रही, मगर बोली कुछ नहीं।
“बोल, बहुत से पैसे मिलेंगे।”
भिखारिन बोली…
“सेठ तेरा नाम क्या है?”
“नाम !! मेरे नाम से तुझे क्या लेना देना?”
“जब दूसरे बच्चे के लिए भीख
माँगूंगी तो लोग उसके बाप का नाम पूछेंगे तो क्या बताऊँगी ?”
……..अब सेठ चुप था…….
एक श्मशान में चार खोपड़ी पडी थी । कुत्ते तीन को चाट रहे थे । एक को नहीं चाट रहे थे ।
एक सियार वहाँ आता है ।
सियार ने पूछा –
तुम तीन को चाट रहे हो और एक को क्यों नहीं ?
कुत्तों ने कहा –
यह शादीशुदा की खोपड़ी है ।
बीवी पहले ही चाट चुकी
हैं ।
आज एक पुराने दोस्त को फ़ोन किया उसने नही उठाया
फिर मैंने व्हाटसअप पर मैसेज किय्या की
निशा तेरा नम्बर मांग रही थी
अब वो 35 बार फ़ोन कर चुका है मैंने नही उठाया
एक अस्सी साल के बुजरग नै बुढ़ापे के अकेले पण तै तंग आकै एक सत्तर साल की विधवा गैल ब्याह कर लिआ …
सुहागरात नै बेगम धोरै गया अर … उसका हाथ पकड़ कै सो ग्या …
दूसरी रात बी याए काम करया बुढ़िया का हाथ पकड़ कै सो गया …
तीसरी रात बी …
चौथी बी …
पांचवी रात हाथ पकड़न लाग्या तो बुढिया बोल्ली … आज मेरी तबियत कुछ ठीक नाहै जी … आज रैहण दो प्लीज
पत्नी: मेरी सहेली बोल रही थी कि मुझे भी आपके बेटे जैसा ही बेटा चाहिये.
पति: तो क्या हुआ, रात को बुला लो उसे. 😉
😳😂 कमरे में सन्नाटा 😂😳
कहानी यहीं खत्म नहीं होती. आगे तो सुनो पत्नी ने क्या कहा…
पत्नी: पर मैने तो उसे वर्मा जी के यहाँ भेज दिया। 😜😜
😷😝 सन्नाटा ख़त्म ही नहीं हो रहा
मणिशंकर अय्यर बोल्या … मोदी जी की राजनीती नीचता आली है …
मोदी जी नै स्टेज पै रुक्का तार दिया … कांग्रेस आले मन्नै नीच कवैं हैं …
कांग्रेस नै मणिशंकर अय्यर सस्पैंड कर दिया …
ये क्या हो रहा है भाई ये क्या हो रहा है …
सब जनता तै सुतिया बणारे हैं वोट खात्तर …
अर हम इनके खिलाफ कुछ लिख दयां तो थमनै लाग्गै बेरा ना के जुल्म हो गया …
एक भइया डाक्टर धौरै जाकै बोल्या ::- एजी डाक्टर जी सुनिए ना … हमको ना बइठे बइठे भी सांस चढ़ जाता है ऐसा काहे … बोलिए ना … डाक्टर जी …
डाक्टर ::- तो सुसरे किसी की गोद मैं धार लेण नै बैठ्या करै … खड़या हो स्यामी मेज पै बैठ
एक नशेड़ी नशे मैं औल फौल बकै था … एक जैंटलमैन सा पैहलवान उसतै आकै बोल्या :- रै तूं घरां जाकै चुप चाल्ला सोजा .. नातै ऐसा रैप्टा मारुंगा गाल का दर्द ना उटै तेरे पै …
नशेड़ी बोल्या … ओ पिलवान जी तूं जाकै सोजा … जे मारे तै मेरे दर्द होंदा तो मैं उस्से दन सुधर जांदा जब मेरे बाब्बू नै मैं नशे मैं देखकै पैहली बार छेतया था …