नब्बे दिन छुटके नब्बे दिन नवम्बर दिसम्बर जनवरी … नहाना मतलब मौत को दावत देना …
फरवरी … एक महीना ऐसे ही इंतजार करो क्योंकि अचानक पानी उपर डालोगे तो गरम सरद हो सकता है ….
सिर्फ होली से बचो तो मार्च भी निकल जाएगा … सुसरे गीले पानी से बच के …
अप्रेल में थोड़ा सैंट छिड़क लो … लोगों का ऐसे ही ऐप्रेल फूल बना रहेगा … बइ बंदा खुश्बुएं फेंक रहा तो नहाया होगा … मई थोड़ा उपर नीचे करके निकाल दो …
जून जुलाई अगस्त … पसीना ही इतना आता है कि बंदा वैसे ही नहाया रहता है … सितम्बर मौसम बदलता है डाक्टर भी बोलते हैं नहाना मत …
बचा एक अक्तुबर तो यार एक महिना अपने दम से निकालो … यां सब मैं ही सिखाऊं …
नब्बे दिन छुटके बस्स्स् नब्बे दिन ….
आग्गै मरजी है तेरी आखिर गात है तेरा …
Air hostess की दाईं तरफ चेस्ट पर बैज लगा हुआ था
जिस पर लिखा था “शैफाली”
संता :- बडा खुबसूरत नाम है
Air hostess :- थैंक्स सर……
संता :- दूसरे का नाम नहीं रखा ??
एक बार सन्ता बिज़नेस के सिलसिले में चीन गया।
वहाँ उसने एक चाइनीज़ एक्स-रे चश्मा खरीदा जिससे कोई भी इंसान नंगा देखता है…
दुकानदार ने कहा- चश्मा लगा कर मुझे देखो…
सन्ता ने देखा, उसे दुकानदार नंगा दिखाई दिया… फिर उसने चश्मा हटा कर देखा तो दुकानदार कपड़े पहने हुए दिखा… सन्ता बहुत खुश हुआ।
सन्ता ने फ्लाइट पकड़ी भारत आने के लिए…
जहाज़ में सबको, लड़कियों, एयरहोस्टैस आदि को चश्मा लगा कर देखा.. खुश हुआ… सब नंगे दिखे….
भारत पहुँचा… टैक्सी ले ली घर तक जाने क लिए…
टैक्सी वाले को भी देखा चश्मे से …
वो भी नंगा दिखा… सन्ता बड़ा खुश हुआ…
चश्मा लगाए हुए ही घर पहुँचा…
उसकी बीवी और नौकर दोनों नंगे बेड पर सोए थे…
चश्मा निकालकर देखा… अभी भी दोनों नंगे ही थे..
चश्मा लगा कर फिर देखा… दोनों नंगे थे…
चश्मा हटा कर देखा.. दोनों नंगे ही दिखे…
सन्ता भड़क गया….
बोला- ..यही तो प्राब्लम है…
चाईना का माल तो 2 दिन भी नहीं चलता…
साला खराब हो गया
एक कड़वा सत्य
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😇
😇
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एक औरत जब गुस्सा हो जाती है
तो
एक घंटे में सब कुछ पैक कर लेती है ।
😯
😯
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मगर जब कही घूमने जाना हो तो एक हफते तक सामान पैक नही होता है