कभी तू नाराज़ कभी मैं नाराज़..
उफ्फ ये मोहब्बत उफ्फ ये अंदाज़…😍😘
छोटा सा सपना है मेरा, जो रोटी में खाऊ वो तू बनाये..
दर्द आवाज छीन लेता है ओर खामोशी की कोई वजह नही होती
लोग आँसुओं मे पढ़ते थे नाम तेरा.. इसीलिए हमने रोना छोड़ दिया.. :)) –
कट रही है ज़िंदगी रोते हुए, और वो भी तुम्हारे होते हुए…
~Waffa Par Ab Bhii Qaiim Hoon Meiin, Lekin Ab Mohabbat Chorr Di Hamne .. ‘
Ladki hai wo, Alarm nahi Pyaar karo usse, set nahi.
~Hasrat’E-Deedar Bhii Kya Cheez Hyy, Wo Samne Aye To Musalsal Dekha Bhi Nahi Jata .. ‘
मोहब्बत सिर्फ मोहब्बत चाहती है, किसीकी महेरबानी नहीं !!
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