सुख मेरा, काँच सा था.. ना जाने कितनों को चुभ गया..!!
मै तुम्हारी वो याद हूँ.. जिसे तुम अक्सर भुल जाते हो…..
पसंन्द आया तो दिल में , नही तो दिमाग में भी नही ।
कोई नहीं बचाकर रखना चाहता है यादें जान से प्यारे खत बेरुखी से जलने लगे हैं !!
बस आख़री साँस बाकी है ,, तुम आती हो या मैं ले लूँ…
~Waffa Par Ab Bhii Qaiim Hoon Meiin, Lekin Ab Mohabbat Chorr Di Hamne .. ‘
मीठी यादों के साथ गिर रहा था, पता नहीं क्यों फिर भी मेरा वह आँसु खारा था.
हमसफ़र खूबसूरत नहीं.. सच्चा होना चाहिए
कभी तू नाराज़ कभी मैं नाराज़.. उफ्फ ये मोहब्बत उफ्फ ये अंदाज़…😍😘
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