सुख मेरा, काँच सा था.. ना जाने कितनों को चुभ गया..!!
~Seene Ke Andr Kuch Toot Sa Geya, Haii Dua Kro Kahii Woh Dil Na Ho .. ‘
जिन्हें प्यार नहीं रुलाता उन्हें प्यार की निशानियाँ रुला देती हैं.
~Aaj Ki Shaam Bhii Qayamat Kii Tarha Guzrii, Na’Jane Kya Baat Thii Har Baat Pe Tum Yaad Ay .. ‘
ख्वाब मत बना मुझे सच नहीं होते, साया बना लो मुझे साथ नहीं छोडेंगे..!!
है एक शख़्स ऐसा भी, जो किश्तों में मार रहा है मुझे !!
काग़ज़ पे तो अदालत चलती है.. हमने तो तेरी आँखो के फैसले मंजूर किये।
अंत में लिखी है दोनों की बर्बादी, आशिक़ हो या हो आतंकवादी
कट रही है ज़िंदगी रोते हुए, और वो भी तुम्हारे होते हुए…
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