उन्हें शिकायतों से शिकायत रहने लगी है, अब हम शिकायत जो नहीं करते!
ज़िंदगी whats app के last seen जैसी है, सब को अपनी छिपानी है,दूसरो की देखनी है.
ख्वाब मत बना मुझे सच नहीं होते, साया बना लो मुझे साथ नहीं छोडेंगे..!!
अगर में कहुँ उदास हु तुम बिन तो तुम लौट आओगी ना
पसंन्द आया तो दिल में , नही तो दिमाग में भी नही ।
फ़िक्र तो तेरी आज भी है.. बस .. जिक्र का हक नही रहा।
अंत में लिखी है दोनों की बर्बादी, आशिक़ हो या हो आतंकवादी
~Woh Roz Jorhtah Haii Mujhe, Phiir Se Torhney Ke Liiye .. ‘
~ बड़ा अजीब सा जहर था उसकी यादों का सारी उम्र गुजर गयी मरते – मरते .. ^
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