~Jiski Sazza Sirf Tum Ho Aiisa Koii Gunaah Karna Hai Mujhe .. ‘
गिला बनता ही नहीं बेरुखी का, दिल ही तो है, भर गया होगा।
जरा तो शर्म करती तू पगली. मुहब्ब्त चुप चुप के और नफरत सरे आम.
मेरे जख्मी दिल को छुआ ना करो… मरजाने दो मुझको जीने की दुआ ना करो…
तूने फैसले ही सारे दूर जाने वाले किये, नहीं तो बता मेरे से करीब तेरे और कौन था।
बयां ना करूँ तो थम जाएगा साँसों का सिलसिला शायद, जो लफ़्ज़ों में पिरो लूँ तो दिल में थोड़ा सुकूँ Continue Reading..
अब तो इतवार में भी कुछ यूँ हो गयी है मिलावट छुट्टी तो दिखती है पर सुकून नजर नहीं आता
तेरे प्यार की हिफाजत कुछ इस तरह से कि मैंने , जब भी किसी ने प्यार से देखा तो नज़रे Continue Reading..
सुना है दिल से याद करो तो खुदा भी आ जाता है, हमने तो साँसों को भी दाँव पे लगा Continue Reading..
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