~Jiski Sazza Sirf Tum Ho Aiisa Koii Gunaah Karna Hai Mujhe .. ‘
मुमकिन नहीं है हर रोज मोहब्बत के नए किस्से लिखना, मेरे दोस्तों अब मेरे बिना अपनी महफ़िल सजाना सीख लो।
शायद मुझे सुकून तेरे पास ही मिले… मुझको गले लगा बहुत बेक़रार हूँ……..
तुम से जिद करते तो हम मांगते क्या…! खुद से जिद करके तो तुमको मांगा था.
सारी उम्र मैं जोकर सा बना रहा, तेरे पीछे जिंदगी सर्कस हो गयी।
ज़िन्दगी में कई ऐसे लोग भी मिलते हैं जिन्हें हम पा नहीं सकते सिर्फ चाह सकते हैं.
वो सामने आये तो अज़ब तमाशा हुआ; हर शिकायत ने जैसे ख़ुदकुशी कर ली।
मोहब्बत ज़िंदगी बदल देती है, मिल जाए तो भी ना मिले तो भी..!
हाँ मैं डरता हूँ कहने से , कि मुझे मुहब्बत है तुमसे , मेरी जिंदगी बदल देगा , तेरा इकरार Continue Reading..
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