एक तो सुकुन और एक तुम, कहाँ रहते हो आजकल मिलते ही नही.
काजल ज़रूरी है तुम्हारी आँखों को, मेरी आँखों को डूबने की हद्द पता रहती है..
इतना खुश रहो के साला गम बी कहे गलती से मे यहा कहा आ गया।
लोगो के तो दिन आते है पर . हमारा तो जमाना आएगा
दाग़ तो रूह पर भी आ जाता है, जब दिलों में दिमाग़ आ जाता है
सब मशरूफ थे नया साल मनाने में मैंने मेरी रूठी खुशियों को मना लिया..
~Kheench Letii Haii Mujhe Unkii Mohabbat Har Bar, Warna Bohat Baar Mile The Unse Akhir Bar .. ‘
इतनी शिकायत , इतनी शर्तें , इतनी पाबन्दी, तुम मोहब्बत कर रहे हो या सौदा कोई !!
~Apni Narazgii Ki Koii Wajah Toh Batayii Hotii, Hum Duniiya Chor Detey Tujhe Manany Ke Liiye .. ‘
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