Ek tera noor hi kaafi h.. Sare jhaa ki roshni k liye
साथ चलता है मेरे दुआओ का काफिला . किसमत से कह दो अकेला नही हुँ मै
सुख मेरा, काँच सा था.. ना जाने कितनों को चुभ गया..!!
जिँन्दगी मे इतनी शिद्दत से निभाना अपना किरदार . के परदा गिरने के बाद भी तालियां बजती रहे
एक तो सुकुन और एक तुम, कहाँ रहते हो आजकल मिलते ही नही.
हसरतें आज भी खत लिखती हैं मुझे, पर मैं अब पुराने पते पर नहीं रहती ।।
~Uss Mor Se Shuru Karain Aa Phir Se Zindagi, Jab Har Sham Haseen Thi Or Hum-Tum The Ajnabii .. ‘
आँखों के अंदाज़ बदल जाते हैं जब कभी हम उनके सामने जाते हैं
ज़िंदगी whats app के last seen जैसी है, सब को अपनी छिपानी है,दूसरो की देखनी है.
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