एक मशविरा चाहिए, ख़ुदकुशी करूं या इश्क..
~Tere Baad Kon Roky’Ga Humein, Hum Khud Ko Jee Bhar k Barbaad Karein’Gy .. ‘
कुछ नहीँ था मेरे पास खोने को, जब से मिले हो तुम डर गया हूँ मैँ
Ek tera noor hi kaafi h.. Sare jhaa ki roshni k liye
वो बड़े घर की थी साहब, . छोटे से दिल में कैसे रहती.
इतना खुश रहो के साला गम बी कहे गलती से मे यहा कहा आ गया।
~Gar Tum Jo Saath Aa Gey Hote, Ziindagi Har Tarah Se Mumkin Thi .. ‘
वो जवानी ही क्या जिसे लोग पलट कर न देँखेँ
रात तो क्या पूरी जिन्दगी भी जाग कर गुजार दूँगा तेरे खातिर ।।।
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