शाम से आँख में नमी सी है, आज फिर आपकी कमी सी है,
मोहब्बत में दूरियों से फर्क नहीं पड़ता मोहब्बत निभाने वाला सच्चा हो
~Apni Narazgii Ki Koii Wajah Toh Batayii Hotii, Hum Duniiya Chor Detey Tujhe Manany Ke Liiye .. ‘
वो बड़े घर की थी साहब, . छोटे से दिल में कैसे रहती.
Ek baat Batao Agr Mai Na Rahu To Koi Kmi To nhi Hogi na
खुद ही दे जाओगे तो बेहतर है ,, वरना हम दिल चुरा भी लेते हैं..!
मुकाम वो चाहिए मुझे, की जिस दिन भी हारु , . उस दिन जीतने वाले से ज्यादा मेंरे चर्चे हो
मार ही डाले जो बेमौत ये दुनिया वाले हम जो जिंदा हैं तो जीने का हुनर रखते हैं
मेरे साथ बैठ कर वक़्त भी रोया एक दिन बोला बन्दा तू ठीक है मैं ही ख़राब चल रहा हूँ
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