कैसे गुजर रही है सभी पूछते तो हैं, कैसे गुजारता हूँ कोई पुछता नहीं…
अगर में कहुँ उदास हु तुम बिन तो तुम लौट आओगी ना
आँखों के अंदाज़ बदल जाते हैं जब कभी हम उनके सामने जाते हैं
मीठी यादों के साथ गिर रहा था, पता नहीं क्यों फिर भी मेरा वह आँसु खारा था.
बस आख़री साँस बाकी है ,, तुम आती हो या मैं ले लूँ…
पुराने आशिक वफा तलाश करते थै, आज के आशिक जगह तलाश करते है..
मै और मेरा रब्ब रोज भूल जाते है वह मेरे गुनाहो को मै उसकी रहमतो को
~Hasrat’E-Deedar Bhii Kya Cheez Hyy, Wo Samne Aye To Musalsal Dekha Bhi Nahi Jata .. ‘
जितनी हसीन ये मुलाकातें है😉 😘 उससे भी प्यारी तेरी बातें है
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