पुराने आशिक वफा तलाश करते थै, आज के आशिक जगह तलाश करते है..
चलो मंजूर है तेरी बेरुखी मुझको बस इतना करो कि बेवफा मत होना
मै तुम्हारी वो याद हूँ.. जिसे तुम अक्सर भुल जाते हो…..
~Nahi Haii Meri Fitrat Mein Yeh Adaat, Warna Teri Tarah Badlna Mujhe Bhii Aata Haii .. ‘
काग़ज़ पे तो अदालत चलती है.. हमने तो तेरी आँखो के फैसले मंजूर किये।
मेरे कंधे पर कुछ यूँ गिरे तेरे आंसू, कि सस्ती सी कमीज़ अनमोल हो गयी.!!
छोड़ भी दूँ तो कैसे, मै फ़्लर्ट करना… किसी की जान बसती है, फ़्लर्ट में मेरी.
पसंन्द आया तो दिल में , नही तो दिमाग में भी नही ।
~Suno Tum Badl Gy Ho Kya Ya Tum Theyy Hi Aiise .. ‘
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