इतना खुश रहो के साला गम बी कहे गलती से मे यहा कहा आ गया।
छोटा सा सपना है मेरा, जो रोटी में खाऊ वो तू बनाये..
~La’Parwah Haii Woh Zamaney Bhar Ka, Phiir Bhi Accha Lagta Hai Zamaney Bhar Se .. ‘
कुछ नहीँ था मेरे पास खोने को, जब से मिले हो तुम डर गया हूँ मैँ
जिँन्दगी मे इतनी शिद्दत से निभाना अपना किरदार . के परदा गिरने के बाद भी तालियां बजती रहे
कोई नहीं बचाकर रखना चाहता है यादें जान से प्यारे खत बेरुखी से जलने लगे हैं !!
छोड़ भी दूँ तो कैसे, मै फ़्लर्ट करना… किसी की जान बसती है, फ़्लर्ट में मेरी.
!! वो अब भी आती है ख्वाबों में मेरे.. ये देखने की मैं उसे भूला तो नहीं…..!!
मिट जाते है औरों को मिटाने वाले . लाश कहा रोती है, रोते है जलाने वाले
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