~Unka Ishq Chaand Jaisa Tha .. Poora Hua Toh Ghatne Lga .. ‘
दिल तो चाहता हैं में भी किसी से प्यार करू पर मेरी तनख्वा बहोत कम है जनाब
मर जाने के लिए थोड़ा ज़हर काफ़ी है, मगर जीने के लिए काफ़ी ज़हर पीना पड़ता है।
उन्हें देखने सो जो आ जाती है चेहरे पे रौनक, वो समझते हैं की बीमार का हाल अच्छा है ..
अब इतना भी सादगी का ज़माना नहीं रहा …!! क़े तुम वक़्त गुज़ारो और, हम प्यार समझें,
सामान बाँध लिया है मैंने , अब बताओ कहाँ रहते हैं वो लोग जो कहीं के नहीं रहते।
तुम्हारे एक लम्हें पर भी मेरा हक नही ना जाने तुम किस हक़ से मेरे हर लम्हें मैं शामिल हो
~Suno Tum Badl Gy Ho Kya Ya Tum Theyy Hi Aiise .. ‘
हमसफ़र खूबसूरत नहीं.. सच्चा होना चाहिए
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