वो बड़े घर की थी साहब, . छोटे से दिल में कैसे रहती.
सब मशरूफ थे नया साल मनाने में मैंने मेरी रूठी खुशियों को मना लिया..
~Kabhii Aaye Ga Use Bhi Mera Khayal, Shayad Yeh Bhi Mera Khayal Hy .. ‘
जिँन्दगी मे इतनी शिद्दत से निभाना अपना किरदार . के परदा गिरने के बाद भी तालियां बजती रहे
आँखों के अंदाज़ बदल जाते हैं जब कभी हम उनके सामने जाते हैं
कई सितारों को मैं जानता हूँ बचपन से कहीं भी जाऊँ मेरे साथ-साथ चलतें हैं
मेहनत इतनी खामोशी से करो कि . “सफलता शोर मचा दे”
लोग आँसुओं मे पढ़ते थे नाम तेरा.. इसीलिए हमने रोना छोड़ दिया.. :)) –
~Woh Roz Jorhtah Haii Mujhe, Phiir Se Torhney Ke Liiye .. ‘
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