अरमान कोई सीने में आग लगा देता है;
ख्वाब कोई आकर रातों की नींद उड़ा देता है;
पुंचता हूँ जिससे भी मंज़िल का पता अब तो;
वो रास्ता तेरे घर का ही बता देता है!
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