आज परछाई से पूछ ही लिया क्यों चलती हो, मेरे साथ ….. उसने भी हँसके कहा, दूसरा और कौन है तेरे साथ
Related Posts
आशियाने बनें bhi to kaha जनाब?? Jameene_महँगी ho चली hai aur दिल me लोग jagah नही देते।।
साँस थम जाती है पर जान नहीं जाती; दर्द होता है पर आवाज़ नहीं आती; अजीब लोग हैं इस ज़माने Continue Reading..
दिल से रोये मगर होंठो से मुस्कुरा बेठे, यूँ ही हम किसी से वफ़ा निभा बेठे, वो हमे एक लम्हा Continue Reading..
निकले हम दुनिया की भीड़ में तो पता चला की हर वह शख्स अकेला है जिसने मोहब्बत की है
हमसे पूछो क्या होता है पल पल बिताना, बहुत मुश्किल होता है दिल को समझाना, यार ज़िन्दगी तोह बीत जायेगी, Continue Reading..
टूटता hua तारा “Sabki” ख्वाहिश “पुरी” karta hai… क्योंकी “Usse” टूटने वालो ka दर्द”मालूम” rehta hai
इस दुनियाँ में सब कुछ बिकता है, फिर जुदाई ही रिश्वत क्युँ नही लेती? मरता नहीं है कोई किसी से Continue Reading..
अगर जिंदगी मे कुछ सिखाना हो तो एक चोट खालो बहुत कुछ सीख लोगे। जिस्म की चोट से – दर्द Continue Reading..
