सुनो ना सब्जी में मिर्च ज्यादा है….. जरा होंठ इधर करना…..
मेरे दिल से उसकी हर गलती माफ़ हो जाती है.. जब वो मुस्कुरा के पूछती है नाराज हो क्या.?
हकीक़त थी…. ख्वाब था…. या तुम थे…. जो भी था…. हम तो उसी में गुम थे…
“Dear Twitter Don’t Ask Me EveryTime “What’s In My Mind” I Can’t pOst Uska Name Every secOnd”
क्यों करते हो मुझसे इतनी ख़ामोश मुहब्बत. लोग समझते है. इस बदनसीब पागल का कोई नहीँ
मेरे कंधे पर कुछ यूँ गिरे तेरे आंसू, कि सस्ती सी कमीज़ अनमोल हो गयी.!!
थोड़ी बदमाश तो थोड़ी नादान हूँ मैं, . . . मगर ये सच है की तेरी जान हूँ मैं !!
अपना ध्यान रखना कुछ खाया या नहीं । । । इन चन्द शब्दों में जहां हैं
देख मेरी आँखों में ख्वाब किसके हैं, दिल में मेरे सुलगते तूफ़ान किसके हैं, नहीं गुज़रा कोई आज तक इस Continue Reading..
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