किसी भी मनुष्य कि वर्तमान स्तिथि को देखकर
उसके भविष्य का उपहास मत उडाऔ
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क्योकि
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समय मे इतनी शक्ति है कि वह एक साधारन से कोयलो को भी धीरे-धीरे एक किमती हीरे मे बदल देता है
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वक़्त और हालात के हिसाब से बदल लिया है खुद को, . वरना . दुश्मन तो हमारी जूते के निशान Continue Reading..