~ Meri Zindagii Ke Taliban Ho Tum Be’Maqsad Tabahi Macha Rakhii Haii ..’
-Tum Mere Baad Huye Tanha Aur Maiin Toh Tere Saath Bhi Akeli Thi .. ‘
जब सुकून नही मिलता दिखावे की बस्ती में… तब खो जाता हूँ मेरे महाकाल की मस्ती में…
जिँन्दगी मे इतनी शिद्दत से निभाना अपना किरदार . के परदा गिरने के बाद भी तालियां बजती रहे
कैसे भुला देते हैं लोग तेरी खुदाई को, या रब! मुझसे तो तेरा बनाया हुआ एक शख्स, भुलाया नहीं जाता……..
दिल मेरा भी कम खूबसूरत तो न था,⁉ मगर मरने वाले हर बार सूरत पे ही मरे !!
एक तरफ आँखें है जिनमें नीदें भरी है… दूजी पलकें है जो इंतजार की जिद पे अडी है
Ruke to chaand, chale to hawaaoon jaiaa hai Woh shakhs dhoop me dhekhoo to chaaon jaisa hai
आज पगली बरसो बाद मिली तो गले लगकर खूब रोइ….. जानते हो ये वही थी जिसने कहा था तेरे जैसे Continue Reading..
Your email address will not be published. Required fields are marked *
Comment *
Name *
Email *